मतदान से पहले बांग्लादेश में मौत का तांडव, ट्रेन को किया आग के हवाले; क्यों सुलग रहा पड़ोसी?

बांग्लादेश की राजधानी ढाका से एक दिल-दहलाने वाली खबर सामने आ रही है. ढाका में शुक्रवार यानी 5 जनवरी को एक ट्रेन अग्निकांड की साजिश रची गई. चुनाव से पहले हुई इस घटना में चार लोगों की जान चली गयी. जिसके बाद पुलिस ने शनिवार को विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के एक बड़े नेता समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. 

चार डिब्बों में लगा दी आग 
शुक्रवार रात करीब नौ बजे भारतीय राज्य पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे बेनापोल शहर से चलने वाली बेनापोल एक्सप्रेस जब अपने गंतव्य राजधानी के कमलापुर रेलवे स्टेशन से दो किलोमीटर पीछे गोपीबाग क्षेत्र में थी, तभी उसके चार डिब्बों में आग लगा दी गई. ऐसे में इस घटना के सिलसिले में जिन आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें ढाका दक्षिण सिटी इकाई के बीएनपी के संयुक्त संयोजक नबी उल्लाह और जूबो दल के पांच कार्यकर्ता शामिल हैं. जूबो दल बीएनपी की युवा शाखा है. गिरफ्तार किये गये लोगों मे एक आगजनी के मुख्य संदिग्धों में एक काजी मंसूर आलम है.

ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस 
पुलिस की खोजी शाखा (डीबी) के प्रमुख और ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस  (DMP) के अतिरिक्त आयुक्त हारून-ओर- राशिद ने संवाददाताओं को बताया कि आलम ने पहले जेल जा चुके अपराधियों के साथ इस हमले के लिए साथ दिया था. साथ ही नबी उल्लाह नबी ने उसकी सलाह दी और उसके लिए धनराशि का प्रबंध किया.

वीडियो कांफ्रेंस पर  रची गई साजिश
राशिद ने बताया कि, उन्होंने वीडियो कांफ्रेंस से हमले की पूरी योजना बनायी. मंसूर समेत जूबो दल के कम से कम 12-13 नेताओं ने बृहस्पतिवार शाम करीब छह बजे वीडियो कांफ्रेंस किया. उन्होंने किशोरगंज-नरसिंगडी और नारायणगंज-कमलापुर मार्गों पर हमला करने और विभिन्न वार्ड में कई मतदान केंद्रों पर देशी बम फेंकने की साजिश रची.

48 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल
बीएनपी ने इस चुनाव का बहिष्कार किया है, और उसने शनिवार सुबह छह बजे से 48 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है. बीएनपी की अगुवाई पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया कर रही हैं. 

बेनापोल एक्सप्रेस ट्रेन
बीएनपी के वरिष्ठ संयुक्त सचिव रूहुल कबीर रिजवी ने एक बयान में बेनापोल से ढाका की ओर जाने वाली बेनापोल एक्सप्रेस ट्रेन में ‘‘उपद्रवियों की आगजनी” के कारण यात्रियों की मौत पर चिंता व्यक्त की. साथ ही रिजवी ने कहा, कि ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं है, कि बेनापोल एक्सप्रेस ट्रेन में आग विध्वंसक गतिविधि थी, जिससे लोगों की जान चली गई.”

उठी जांच कराने की मांग
रिजवी ने इस घटना की संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में जांच कराने की मांग की. इस घटना की जांच के लिए सात सदस्यीय समिति बनायी है. ताकि घटना की वजह का पता चल सके, और जिम्मेदारी तय की जा सके.

शेख हसीना पर लगाया आरोप
BNP समेत सभी दलों ने शेख हसीना पर तानाशाही का आरोप लगाया है. विपक्ष का दावा है, कि शेख हसीना के प्रधानमंत्री रहते निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकते. इसीलिए चुनाव का ऐलान होते ही विपक्ष ने शेख हसीना के इस्तीफे की मांग की थी. विपक्ष ने कार्यवाहक सरकार की अगुवाई में चुनाव कराने की मांग भी की थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसके बाद से ही बांग्लादेश में सियासी जंग जारी है. विपक्ष आक्रामकता के साथ शेख हसीना सरकार का विरोध कर रहा है.

ट्रेन में करीब 292 यात्री सवार थे
प्रशासन के अनुसार जिन चार डिब्बों में आग लगायी गयी है, उनमें तीन पूरी तरह जल गयीं. रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन में करीब 292 यात्री सवार थे और उनमें से अधिकतर भारत से घर लौट रहे थे. पहले बांग्लादेश ने शांति और व्यवस्था बनाये रखने के लिए ‘नागरिक प्रशासन की मदद’ के वास्ते सैनिकों को बुलाया था. 

अवामी लीग पार्टी का फिर सत्ता में आने का दावा 
पूरी की पूरी ट्रेन आग के लपटों में घिर गई. मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तबतक 5 लोगों की जान जा चुकी थी, और कई घायल हो चुके थे. चुनाव से ठीक पहले ट्रेन में अग्निकांड को विपक्ष की साजिश करार दिया जा रहा है. दरअसल प्रधानमंत्री शेख हसीना की अगुवाई वाली अवामी लीग पार्टी फिर से सत्ता में आने का दावा कर रही है. 

मतदान से ठीक पहले बांग्लादेश के गृह मंत्री असदुज्जमान खान ने कहा है, जब तक अवामी लीग सत्ता में है, तब तक बांग्लादेश अपने क्षेत्र का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं करने देगा. उन्होंने कहा, ‘BNP और जमात ने अपने कार्यकाल के दौरान भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में भारत विरोधी विभाजनकारी ताकतों को शरण दी थी. सत्ता में आने के बाद हमने उन्हें खत्म कर दिया.

बांग्लादेश ने भारत के साथ मजबूत रिश्तों की बात कही
बांग्लादेश भी भारत के साथ अपने मजबूत रिश्तों की बात कर रहा है.  एक बात जो हम (बांग्लादेश) देखना चाहेंगे वो है कनेक्टिविटी में अधिक प्रगति और पारस्परिक आर्थिक लाभ के साथ संयुक्त परियोजनाएं.  इस दिशा में कुछ नींव रखी जा चुकी हैं. इसलिए बांग्लादेश और बाद में भारत दोनों में आगामी चुनावों में अच्छे परिणामों के साथ इन विभिन्न कनेक्टिविटी से जुड़ी परियोजनाओं को और मजबूत किया जाएगा. 

भारत-बांग्लादेश के बीच व्यापार 
ऐसे में बांग्लादेश के विदेश सचिव ने भी भारत के साथ बेहतर रिश्तों की बात दोहराई है. बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 2009 में सत्ता में आने बाद भारत के साथ बेहतर संबंध बनाने की पहल की थी. 2014 के बाद रिश्ते और भी मजूबत हुए. भारत-बांग्लादेश के बीच व्यापार 3 गुना बढ़ा है. दशकों पुराना जमीन सीमा विवाद सुलझाया गया. समुद्री सीमा से जुड़े मसलों का भी समाधान हुआ. दोनों देशों के बीच 3 नई बस और रेल सेवाएं शुरू हुईं. भारत ने बीते 9 वर्ष में बांग्लादेश को 10 अरब डॉलर से ज्यादा की मदद दी है. 

शेख हसीना के पक्ष भारत के लिए फायदेमंद 
इस चुनाव में भी शेख हसीना की पार्टी भारत से दोस्ती का हवाला देकर ही जीत की उम्मीद जता रही हैं. अगर बांग्लादेश के चुनावी नतीजे शेख हसीना के पक्ष में जाते हैं तो कई मायनों में भारत के लिए फायदेमंद हो सकते हैं. क्षेत्रीय सहयोग के मामले में भी बांग्लादेश भारत का साथ देता रहा है. दक्षिण एशिया में चीन के बढ़ते दखल के बीच बंगाल की खाड़ी और उत्तर पूर्व में भारत की योजनाओं में शेख हसीना एक बड़ी भूमिका निभा सकती हैं. 


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