अब मंत्री ने बेटे के पत्नी को माना बहू, रात को फोन कर कहा -मैं स्वीकार करता हूं

रायसेन (मध्यप्रदेश) .पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर रामपाल सिंह के बेटे ने सुसाइड के 4 दिन बाद प्रीति रघुवंशी को अपनी पत्नी मान लिया है। गिरजेश मंगलवार सुबह साढ़े नौ बजे के करीब श्मशान पहुंचा। उनके साथ पंडित भी थे। वहीं मंत्री रामपाल सिंह ने का भी कहना है कि अगर बेटे ने पत्नी मान लिया है तो मुझे भी स्वीकार है। बता दें, प्रीति ने 4 दिन पहले फांसी का फंदा बनाकर सुसाइड कर लिया था। जिसके बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई थी। क्योंकि, पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर रामपाल सिंह के बेटे ने आर्यसमाज मंदिर से प्रीति से शादी की थी। रात 2:30 बजे आया मंत्री का फोन…

 प्रीति के ताऊ रामसिंह का कहना है कि गिरजेश मंगलवार सुबह साढ़े नौ बजे के करीब श्मशान पहुंचा गया। उनके साथ पंडित भी थे। उन्होंने प्रीति को पत्नी स्वीकार करते हुए अस्थि संचय का कार्यक्रम किया।

– हमारी भी यहीं इच्छा थी कि प्रीति को मंत्री अपनी बहू माने। मेरी बेटी की जो इच्छा थी वह पूरी हो गई। लेकिन उसकी जान चली गई।

– पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर रामपाल सिंह ने कहा कि, बेटा गिरजेश प्रीति के अंतिम संस्कार में शामिल हुआ था, लेकिन डर के चलते वह सामने नहीं आया। यदि उसने प्रीति को अपनी पत्नी मान लिया है तो मुझे स्वीकार है, लेकिन मैं पहले बेटे से बात करुंगा।

– समाज के प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक, सोमवार रात 2:30 बजे मंत्री रामपाल का फोन आया था। उन्होंने कहा- मैं प्रीति को बहू स्वीकार करता हूं। सुबह गिरजेश अस्थि संचय कार्यक्रम में उदयपुरा पहुंच जाएगा।

मेरा परिवार टूट गया-

प्रीति के चचेरे भाई सौरभ रघुवंशी ने कहा कि मेरी दीदी मर गई, जबकि मंत्री पुत्र रह गया। हमारा परिवार बिखरने वाला है। उसने कांग्रेसी नेताओं से कहा कि जैसे आप लोग गए वैसे ही दूसरी घटना की सूचना मिल सकती है। चार दिनों में परिवार को तोड़ा गया है। हमारे परिवार के हर सदस्य पर अलग-अलग तरीके से दबाव डाला जा रहा है, धमकाया जा रहा तो कहीं बहलाया-फुसला जा रहा है। सब भारी परेशान हैं।

प्रीति के चाचा तेज सिंह ने कहा-

लडेंगे कानूनी लड़ाई : मृतका प्रीति के चाचा तेज सिंह का कहना है कि गिरजेश अस्थि संचय के कार्यक्रम में शामिल हुआ था। उसके द्वारा पत्नी के लिए जो करना चाहिए वह किया है। लेकिन उनका परिवार प्रीति को न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई जरुर लड़ेगा। थाने में प्रीति को न्याय दिलाने के संबंध में परिवार के सदस्य अपने बयान दर्ज कराएंगे। पुलिस मदद नहीं कर रही।

उदयपुरा के लोगों की हर गतिविधि पर नजर, पर चुप्पी
– उदयपुरा में अधिकतर लोगों ने चुप्पी साध रखी है। वे कुछ भी बताने से बचते नजर आ रहे है। इतना ही नहीं हर हलचल की जानकारी भी रख रहे हैं। मृतिका के घर पर होने वाले हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।

– सुबह पीड़ित परिवार ने मीडिया को गिरजेश के आने के बारे में पूरी बात बताई पर कोई दबाव की बात नहीं की। शाम को दबाव के बात करने लगे।

नगर में जगह-जगह तैनात है पुलिस

 उदयपुरा के प्रमुख स्थानों पर मंगलवार को भी पुलिस तैनात रही। थाने में करीब आधा दर्जन पुलिस के बसें रखी हुई है।

– इससे बड़ी संख्या में पुलिस बल को जरूरत होने पर नगर में कहीं भी भेजा जा सके। इतना ही घटना के बाद से ही एएसपी किरण लता केरकेट्टा वहां डेरा डाली हुए हैं।


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