गैस पीडि़तों को एक और दर्द देेने की तैयारी

डीआईजी बंगला क्षेत्र में निगम बना रहा कचरा प्रबंधन स्टेशन
दिलीप मालवीय ॥ भोपाल
डीआईजी बंगला चौराहे पर कचरा प्रबंधन के लिए नगर निगम बना रहा है ट्रांसफर स्टेशन बना रहा है। इस क्षेत्र में कचरा एकत्रित होने से यहां की आब-ओ-हवा खराब होगी। इस इलाके में ज्यादातर लोग गैस पीडि़त रहते है जो पहले से ही एक दंश झेल रहे है। लगभग 50 हजार की आबादी को इस कचरा स्टेशन से यहां संक्रामक रोग फैलने का खतरा मंडरा रहा है। जिस दो एकड़ भूमि पर निगम काम तेजी से कर रहा है वो सरकारी भूमि है, राजस्व विभाग से हस्तांतरित ही नहीं हुई। स्थानीय बाशिंदों का कहना है कि घनी आबादी के बीचोंबीच खुद नगर निगम ने हवा में जहर घोलने की तैयारी शुरू कर दी है। डीआईजी बंगला चौराहे पर घनी आबादी के बीच कचरा प्रबंधन के लिए नगर निगम जिस ट्रांसफर स्टेशन का काम तेजी से करवा रहा है उसके आसपास दो दर्जन से अधिक स्कूल, अस्पताल, कई बड़े मार्केट, एक दर्जन घनी आबादी वाले मोहल्ले हैं।
अब हाईकोर्ट में जाएगा मामला
रहवासी समितियों, अस्पताल प्रबंधन ने नगर निगम आयुक्त, कलेक्टर, थाना प्रभारी को आवेदन देकर निर्माण कार्य के विरोध में आवेदन दिया है, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। क्षेत्रीय पार्षद सीमा मालवीय ने बताया कि जनता की समस्या के लिए वे इस मामले को जबलपुर हाईकोर्ट में ले जाएंगे। उनका कहना है कि कचरा एकत्रित होगा तो उससे संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। आबादी के बीच से इसे जनहित में हटाया जाना चाहिए।
यहां पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
पुराने शहर के घनी आबादी वाले इलाका जो कि नगर निगम के वार्ड 13 में आता है यहां पर कचरा स्टेशन से फिरदौस नगर, संत कंवरराम कालोनी, शीतल नगर , कांजी कैंप, टीलाजमालपुरा आदि शामिल है। इस सड़क से करोंद और भोपाल टाकीज में रहने वाले लोग आवागमन के लिए इसी का उपयोग करते है। पहले ही पुराने शहर में जनता को साफ पीने को नहीं मिल पा रहा है ऐसे में यहां कचरा प्रबंधन से प्रदूषण यहां फैल सकता है।
जनता ने किया विरोध
स्थानीय रहवासी नसीम कुरैशी ने बताया कि यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के सामने जिस भूमि पर निगम कचरा निष्पादन के लिए ट्रांसर्फर स्टेशन बनवा रहा है उसके आसपास घनी आबादी है। कचरे का यहां ढेर लगने से पूरे क्षेत्र की आब-ओ हवा ही जहरीली हो जाएगी। जबकि इस स्थल के आसपास सरकारी और गैर सरकारी स्कूल हैं। इस क्षेत्र में धीरे-धीरे यहां का पानी भी प्रदूषित होगा। इस मामले को लेकर आंदोलन बाशिंदे कर सकते है।
छोटे वाहनों से बड़े वाहन में कचरा ट्रांसफर किया जाएगा। कचरा जमीन पर नहीं गिरेगा। कचरे से गैस बनाने का प्लांट लगाने का प्रस्ताव है। यह किसी भी तरह से प्रदूषित नहीं होगा।
> राकेश शर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी ननि


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